आज हिंदी दिवस है पिछले साल आया था मै तब कॉलेज में पढ़ाती थी हिंदी दिवस में क्या खास हो हिंदी के शिक्षक ने ही कह दिया वाद विवाद हो हिंदी का अंग्रेज़ी से मै शांत थी बेचारी हिंदी सोच कर तो बच्चों ने हिंदी दिवस पर वाद विवाद करना शुरू किया बात ये थी के हिंदी का पक्ष रखने वाले भी हिंदी के अस्तित्व के होने, कितने पुराने होने, अंग्रेज़ी से भी पुराने होने और किस तरह हमारे देश के कुछ ज्ञानी लोगों ने हिंदी में कहीं बात की, तरह के बेतुके बयान बोल रहे थे मै रोकना चाहती थी, खत्म करना चाहती थी उनका वो बेतुका वाद विवाद ऐसा लग रहा था बेचारी हिंदी को सहानुभूति दी जा रही है ये वही लोग तो हैं जो हिंदी मै नहीं इंग्लिश में बात करते हैं रोज़ मैंने हिम्मत कि और खत्म किया विवाद मेरे शब्द यही थे कि एक दिन की इज्जत देते वक़्त भी आपने बस उसके अस्तिव के होने की सफाई दी। कल आप खुद भूल जाएंगे । हमारी भाषा हमारी उतनी ही पहचान है जितना हमारा भारतीय होना। हिन्दी दिवस मनाने का अर्थ ये बिल्कुल नहीं है कि आप उसे अंग्रेजी से तुलना करने लग जाए आपने किसी और भाषा से तुलना नहीं की। मै आज भी यही लिखना चाहती हूं की हि...